भिंड जनपद अध्यक्ष संजू जाटव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास हो गया है। एसडीएम संतोष तिवारी की निगरानी मे वोटिंग की गई थी। जिसमें 25 सदस्यों में से 22 ने संजू जाटव के विरोध में तो तीन सदस्यों ने संजू के पक्ष मे मतदान किया है।
एसडीएम संतोष तिवारी ने नजीतों की आधिकारिक पुष्ठि की। दरअसल,
बसपा का साथ लेकर अध्यक्ष बनी संजू जाटव का कार्यकाल उनके पति गजराज जाटव की वजह से विवादों में रहा। जनपद के अन्य सदस्य अध्यक्ष पति के अनुचित व्यवहार से नाखुश थे। संजू जाटव ने दो महीने में ही बसपा को छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था।
अध्यक्ष पति ने किया था अभद्र टिप्पणी
हालांकि सदस्यों की नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही थी। पिछले दिनों अध्यक्ष पति द्वारा एक समाज के खिलाफ अभद्र टिपप्णी को लेकर भी जनपद के सदस्य खासे नाराज थे। इन सभी मुद्दों को लेकर नाराजगी इतनी बढ़ गई कि 17 नवंबर को 19 जनपद सदस्यों ने कलेक्टर इलैया राजा टी के समक्ष अपना अविश्वास प्रस्ताव भेज दिया।
हालांकि सदस्यों की नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही थी। पिछले दिनों अध्यक्ष पति द्वारा एक समाज के खिलाफ अभद्र टिपप्णी को लेकर भी जनपद के सदस्य खासे नाराज थे। इन सभी मुद्दों को लेकर नाराजगी इतनी बढ़ गई कि 17 नवंबर को 19 जनपद सदस्यों ने कलेक्टर इलैया राजा टी के समक्ष अपना अविश्वास प्रस्ताव भेज दिया।
अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 22 वोट
कलेक्टर ने सभी दस्तावजों का जनपद सीईओ से परीक्षण करवाया और फिर मामला भोपाल भेज दिया गया। तीन नवंबर के दिन अविश्वास प्रस्ताव को साबित करने का दिन तय हुआ। एसडीएम संतोष तिवारी के देखरेख में पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई। एसडीएम ने अधिकृत रूप से घोषणा करते हुए बताया कि, अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 22 वोट गिरे जबकि विरोध में महज तीन वोट ही मिले। इस तरह बीजेपी की जनपद अध्यक्ष को अब अपना पद छोड़ना पड़ेगा।
कलेक्टर ने सभी दस्तावजों का जनपद सीईओ से परीक्षण करवाया और फिर मामला भोपाल भेज दिया गया। तीन नवंबर के दिन अविश्वास प्रस्ताव को साबित करने का दिन तय हुआ। एसडीएम संतोष तिवारी के देखरेख में पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई। एसडीएम ने अधिकृत रूप से घोषणा करते हुए बताया कि, अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 22 वोट गिरे जबकि विरोध में महज तीन वोट ही मिले। इस तरह बीजेपी की जनपद अध्यक्ष को अब अपना पद छोड़ना पड़ेगा।

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