मध्यप्रदेश में महिलाओं को सभी प्रकार की सरकारी सहायता के लिए सखी सेंटर की स्थापना की जा रही है। यहां पर महिलाओं को हर तरह की मदद मिलेगी। यहां तक कि एफआईआर दर्ज कराने के लिए भी उन्हे थाने नहीं जाना होगा। इसके अलावा किसी भी तरह की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 1090 के अलावा महिलाएं 181 या 108 पर भी कॉल कर सकतीं हैं। तत्काल उनकी सुनवाई की जाएगी। महिला अपराधों से निपटने और पीड़िताओं को तुरंत राहत पहुंचाने के लिए राजधानी में 24×7 वन स्टॉप क्राइसिस सेंटरों पर आने वाली महिलाओं की मदद की जाएगी। सरकार ने इसके लिए सीएम हेल्पलाइन 181, एंबुलेंस सर्विस 108 और 1090 को आपस में जोड़ दिया है।
मंगलवार को मध्यप्रदेश शासन महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्रालय ने इस बारे में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यहां पर पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अभियोजन शाखा के समन्वय से चल रहा है। घरेलू हिंसा की शिकार, दुष्कर्म पीड़ित, एसिड अटैक विक्टिम, अपहृत या पुलिस को मिलने वाली लावारिस महिलाओं को सखी सेंटर में रखा जा रहा है। यहां पर आने वाली महिलाओं को न थाने जाना पड़ेगा, न अस्पताल जाना होगा, न वकील और महिला बाल विकास विभाग के दफ्तर के चक्कर काटने होंगे। महिलाओं को सभी तरह की मदद एक ही छत के नीचे मिल जाएगी।
मंगलवार को मध्यप्रदेश शासन महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्रालय ने इस बारे में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यहां पर पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अभियोजन शाखा के समन्वय से चल रहा है। घरेलू हिंसा की शिकार, दुष्कर्म पीड़ित, एसिड अटैक विक्टिम, अपहृत या पुलिस को मिलने वाली लावारिस महिलाओं को सखी सेंटर में रखा जा रहा है। यहां पर आने वाली महिलाओं को न थाने जाना पड़ेगा, न अस्पताल जाना होगा, न वकील और महिला बाल विकास विभाग के दफ्तर के चक्कर काटने होंगे। महिलाओं को सभी तरह की मदद एक ही छत के नीचे मिल जाएगी।
पीड़ित की एफआईआर सेंटर पर ही लिखी जाएगी। डीआईआर (डोमेस्टिक इन्फॉरमेशन रिपोर्ट) भी सेंटर पर तैयार की जाती है। मेडिकल जांच, आपात स्थिति में रहने, खाने और इलाज की सुविधा इसी सेंटर पर दी जाती है। महिला को कानूनी सलाह के लिए लीगल एड के माध्यम से सेंटर पर ही वकील उपलब्ध रहेगा। पीड़ित महिलाओं के लिए सेंटर पर सभी प्रकार की सुविधाएं पूरी तरह निशुल्क रहेंगी।

No comments:
Post a Comment